आपदा जोखिम की जड़ें कहीं? अंकुर कहीं

अनियंत्रित शहरीकरण, भूकंपीय क्षेत्रों में निर्माण, तेजी से कटाव की गतिविधि ने इस क्षेत्र में गंभीर बाढ़ ला दी है। सरकार को इस प्रक्रिया को समाप्त करने के लिए कार्यप्रणाली विकसित करने की आवश्यकता है। नदियों को आपस में जोड़ने जैसी पहलों का स्वागत किया जाता है और इन्हें पूरी गति से आगे बढ़ाने की … Read more

गंभीर घाव वाली टीवी बहसों पर रोक जरूरी

समाज एवं राष्ट्र-निर्माण की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी निभाने वाला मीडिया विशेषतः इलेक्ट्रोनिक मीडिया आजकल बहस के ऐसे अखाडे़ बन गये हैं, जहां राष्ट्र-विरोधी, नफरत एवं द्वेषभरी चर्चाओं ने समाज एवं राष्ट्र में जहर घोलने का काम किया है। युगयात्रा की आवाज बनने वाले टेलीविजन चैनलों का प्रभाव जैसे-जैसे बढ़ा है, वैसे-वैसे इस जिम्मेदारी को लेकर कोताही, … Read more

मकर संक्रांति सूर्य संवत्सर का सबसे पावन महत्वपूर्ण दिन

सूर्य को भारत के ऋषि मुनियों ने निर्विवाद रूप सेजड चेतन की आत्मा माना है | भारतीय काल चक्र सूर्यकी गति के मुताबिक ही चलता है | सूर्य का संक्रमनलगातार काल प्रवाह का परिचायक है | भारत में सोर संवत्सरको राष्ट्रिय मान्यताप्रदान की गई है वहीं सोर संवत्सर का सबसे बड़ा औरमहत्वपूर्ण दिन मकर संक्रान्ति … Read more

राजनीतिक नींव एवं मील के पत्थर थे शरद यादव

नए साल ने अभी अपनी गति पूरी तरह से पकड़ी भी नहीं है, लेकिन हिंदुस्तान की सियासत ने अपना एक धुरंधर, जांबाज, कद्दावर का नेता जदयू के पूर्व अध्यक्ष शरद यादव को हमसे छीन लिया। बिहार से लेकर राष्ट्रीय राजनीति में एक संभावनाओं भरा राजनीति सफर ठहर गया, उनका निधन न केवल बिहार के लिये … Read more

मकर संक्रांति पर टूट गई चित्रगुप्त की जिंदगी की डोर

महान संगीतकार चित्रगुप्त की पुण्य तिथि 14 जनवरी पर विशेष कायस्थ कुल गौरव महान संगीतकार चित्रगुप्त की पुण्य तिथि 14 जनवरी को उनके संगीत प्रेमी और संगी-साथी श्रद्धासुमन अर्पित कर रहे हैं। बिहार के एक छोटे से गांव में जन्मे और संगीत की दुनिया में तहलका मचाने वाले संगीतकार चित्रगुप्त नये संगीतकारों के लिए प्रेरणा … Read more

बने विजेता वो सदा, ऐसा मुझे यकीन। आँखों में आकाश हो, पांवों तले जमीन

जीवन में सफल होने के लिए धैर्य रखना और अपने सपनों के लिए समर्पित रूप से कड़ी मेहनत करना महत्वपूर्ण है। जीवन में कुछ भी मुफ्त नहीं है, और इसलिए हमें जीवन में बड़ी चीजें हासिल करने के लिए अपने सभी प्रयास करने और अपनी सीमाओं को चरम तक पहुंचाने की जरूरत है। इसके अलावा, … Read more

क्यों जरूरी है पर्यावरण आधारित विकास की

पर्यावरण एवं प्रकृति की दृष्टि से हम बहुत ही खतरनाक दौर में पहुंच गए हैं क्योंकि संभव है कि मानव की गतिविधियां ही इसके विनाश का कारण बन जाएं। आज के दौर में समस्या प्राकृतिक संसाधनों के नष्ट होने, पर्यावरण विनाश एवं प्राकृतिक आपदाओं की हैं। सरकार की नीतियां, उपेक्षाएं एवं विकास की अवधारणा ने … Read more

कुदरत की पीर, जोशीमठ की तस्वीर

जोशीमठ की स्थिति यह एक बहुत ही गंभीर चेतावनी है कि लोग पर्यावरण के साथ इस हद तक खिलवाड़ कर रहे हैं कि पुरानी स्थिति को फिर से बहाल कर पाना मुश्किल होगा। जोशीमठ समस्या के दो पहलू हैं। पहला है बड़े पैमाने पर बुनियादी ढांचे का विकास, जो हिमालय जैसे बहुत ही नाजुक पारिस्थितिकी … Read more

समाज सुधारक युग प्रवर्तक हिंदू सम्राट स्वामी विवेकानंद

स्वामी जी ने कहा कि जीवन में हमारे चारो ओर घटने वाली छोटी या बड़ी, सकारात्मक या नकारात्मक सभी घटनायें हमें अपनी असीम शक्ति को प्रकट करने का अवसर प्रदान करती है। स्वामी विवेकानंद जी ने कहा था “जिसके जीवन में ध्येय या संकल्प नहीं है तो ऐसा आदमी खेलती गाती, हँसती बोलती लाश ही … Read more

आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस हथियार, विरोधाभास और जोखिम में संसार

इन हथियारों के प्रयोग में नैतिक विरोधाभास है, एआई हथियार प्रणालियों के नियंत्रण, सुरक्षा और जवाबदेही से समझौता करता है; यह नेटवर्क सिस्टम के बीच साझा दायित्व के जोखिम को भी बढ़ाता है, खासकर जब हथियार विदेशों से मंगाए जाते हैं। नीति निर्माण के लिए चुनौती है क्योंकि सैन्य सिद्धांत संघर्ष की पारंपरिक समझ पर … Read more