बाबाओं का झूठा बल, अंधविश्वास का दलदल

हमारा देश वैज्ञानिक दृष्टि से कितना पिछड़ा हुआ है, यह सब रोज-रोज के ऐसे कारनामे देखकर हम समझ सकते हैं, हमारे भारत की महिलाओं में कभी माताएं आती रहती है तो पुरुषों में कभी अमुक आते रहते हैं, आखिर यह अंधविश्वास और पाखंडवाद हमारे देश को किस दलदल में ले जाकर धकेलेगा। हम इसका अंदाजा … Read more

भारत में विदेशी शिक्षण संस्थान नफ़ा या नुकसान

विदेशी विश्वविद्यालयों को भारत में परिसर स्थापित करने की अनुमति देने का सरकार और विश्वविद्यालय अनुदान आयोग का निर्णय एक स्वागत योग्य कदम है। यह पहल न केवल हमारे छात्रों को वैश्विक गुणवत्तापूर्ण शिक्षा तक पहुंच प्रदान करेगी बल्कि संस्थानों के बीच स्वस्थ प्रतिस्पर्धा भी पैदा करेगी। लेकिन नया नियम विदेशी संस्था को मुक्त खेल … Read more

ग्रामीण चौपालों को लील गई राजनीति

गांव मैं अब न तो पहले जैसे त्योहारों की रौनक है और न ही शादी के वक्त महिलाओं द्वारा गाए जाने गीत। यहां तक की मौत पर हर घर में छा जाने वाला शोक का स्वरूप बदल गया है। पहले गांव में किसी जवान की मौत हो जाने पर उसके अंतिम संस्कार से पूर्व किसी … Read more

खेलों के पीछे शर्मनाक खेल

देश के जो खिलाड़ी विदेशी सरजमीं पर तिरंगे का मान बढ़ाते आए हैं. उन्हें अपने अधिकारों के लिए जंतर मंतर पर धरना देना पड़ रहा है. क्या ऐसे देश खेलों में आगे बढ़ेगा जहां लगातार खेल दुनिया में यौन उत्पीड़न के विवाद बढ़ते जा रहे हैं. देश को मेडल दिलाने वाले इंसाफ की गुहार लगा … Read more

बढ़ती आर्थिक असमानता पर मंथन हो

वैश्विक संस्था ऑक्सफैम ने अपनी आर्थिक असमानता रिपोर्ट में समृद्धि के नाम पर पनप रहे नये नजरिया, विसंगतिपूर्ण आर्थिक संरचना एवं अमीरी गरीबी के बीच बढ़ते फासले की तथ्यपरक प्रभावी प्रस्तुति देते हुए इसे घातक बताया है। संभवतः यह एक बड़ी क्रांति एवं विद्रोह का कारण भी बन रहा है। आज देश एवं दुनिया की … Read more

केंद्र और राज्य सरकार के बीच पिसता आम आदमी

एक दशक से देश की सियासत में एक तरह की राजनीति कुछ अलग ही तरीके से चल पड़ी है, जिसके चलते छोटे-छोटे मामलों पर बड़े-बड़े पदों पर बैठे लोगों को अपने अधिकारों के लिए संघर्ष करना पड़ रहा है। केंद्र से अलग पार्टी की सरकार वाले राज्यों के पास अक्सर इस बात का रोना रहता … Read more

पक्षियों के जादूई संसार पर बर्ड फ्लू का कहर

देश के अनेक राज्यों में एक बड़ा संकट बर्ड फ्लू के रूप में कहर बरपा रहा है। जिसके कारण सैकड़ों पक्षियों का मरना या मारा जाना दुखद तो है ही, मानवता पर प्रश्नचिह्न भी है। बेजुबान पक्षियों का बड़ी संख्या में मरना पर्यावरण संतुलन के लिये तो बड़ा खतरा है ही लेकिन इसका असर मानव … Read more

पकौड़ा तलिए खुद खाइए औरों को खिलाइए

अब्दुल रशीद।। आमचुनाव के कुछ महीने ही शेष बचे हैं। चनाव से पहले सरकार का आखिरी आम बजट 2018-2019 वित्त मंत्री द्वारा पेश किया गया। जिसमें एक बार फिर बड़े बड़े सपनों को दिखाते हुए घोषणा किया गया है।ये और बात है कि इन घोषणाओं को अमलीजामा पहनाने के लिए बजट कहाँ से आएगा इसका … Read more