चूरू । (बुलकेश चौधरी) जिला मनोरंजन क्लब में भोलेनाथ कला मंच द्वारा सात दिवसीय श्रीमद् भागवत कथा के तीसरे दिन कन्हैया लाल महाराज ने बताया कि मनुष्य के पतन का प्रमुख कारण अहंकार होता है। अहंकार त्यागने से मनुष्य का जीवन सात्विक बन जाता है। मनुष्य को मानव जीवन में सामाजिक सरोकारों में बढ़-चढ़कर भाग लेना होगा, समाज की सेवा ही नारायण की सेवा मानी जाती है।
मनुष्य को अपने जीवन में ब्रह्मचर्य , ग्रहस्त , वानप्रस्थ और सन्यास चारों आश्रमों का नियमित रूप से पालन करना चाहिए। सामाजिक कार्यकर्ता गजानंद गौड़ ने बताया कि कथा में कपिल देबहूती संवाद, जड़ भरत जी की कथा, गजेंद्र मोक्ष अंत में वामन भगवान की बड़ी सुंदर झांकी दिखाई गई। भगवान श्री कृष्ण ने अपने भक्तों पर आए हुए कष्टों का निवारण करने के लिए वामन अवतार धारण किया और सृष्टि का कल्याण किया। इस अवसर पर भोलेनाथ कला मंच के रामचंद्र तूनवाल, हरीश शर्मा , प्रमोद प्रजापत ,विनोद राठी ,पुरुषोत्तम शर्मा , अनिल सैनी , सुभाष प्रजापत, हिमांशु सेन , मनीष जांगिड़ ,विष्णु प्रजापत, राहुल सेन आदि कार्यकर्ता उपस्थित रहे।