Skip to content
  • होम
  • राष्ट्रीय
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • जनरल न्यूज
  • दखल
  • गेस्ट राइटर

“कला केवल अभिव्यक्ति नहीं, यह हमारी संस्कृति और आत्मा का प्रतिबिंब है”

राजस्थान
/
December 29, 2024

राजस्थान फोरम की डेजर्ट सोल सीरीज़ में राज्य के वरिष्ठ चित्रकार, कला शिक्षक एवं राजस्थान ललित कला अकादमी के पूर्व सचिव समदर सिंह खंगारोत ‘सागर’ और वरिष्ठ लेखक एवं आलोचक विनोद भारद्वाज के बीच संवाद

जयपुर– राजस्थान फोरम की “डेजर्ट सोल” में एक खूबसूरत और प्रेरणादायक संवाद आयोजित किया गया, जिसमें राजस्थान के प्रख्यात चित्रकार समंदर सिंह खंगारोत ‘सागर’ ने वरिष्ठ लेखक और आलोचक विनोद भारद्वाज के साथ अनुभव और कला की गहरी बातचीत की। यह आयोजन न केवल कला और संवाद का गहरा संगम है, बल्कि यह राजस्थान की समृद्ध सांस्कृतिक परंपरा और विविधता को उत्सव के रूप में प्रस्तुत करने का एक सफल प्रयास भी है। कार्यक्रम की शुरुआत ओनरेरी सेक्रेटरी अपरा कुच्छल ने स्वागत भाषण से हुआ।

शाम की शुरुआत राजस्थान के प्रख्यात चित्रकार समंदर सिंह खंगारोत ‘सागर’ ने अपने जीवन और कला के सफर से जुड़े अनमोल अनुभव साझा किए। डेजर्ट सोल के हॉस्पिटस्लिटी पार्टनर आईटीसी राजपूताना है।

सृजन और संस्कृति का उत्सव खंगारोत सागर की चर्चा ने दर्शकों को उनके काम की गहराई और उनके भारतीय पौराणिक कथाओं से प्रेरित कला दृष्टिकोण से परिचित कराया। उन्होंने अपनी प्रसिद्ध श्रृंखलाओं जैसे ‘इंडियन फोर्ट्स’ और ‘कालिदास’ के काम पर प्रकाश डाला और यह बताया कि कैसे उनकी कला केवल रचना नहीं, बल्कि आत्मा और संस्कृति का प्रतिबिंब है। उनकी मौजूदा परियोजना ‘दिग्पाल’ श्रृंखला ने भी दर्शकों की गहरी रुचि दिखाई, प्रदर्शित सभी चित्रों ने कला प्रेमियों को अपनी और आकर्षित करते हुए, चित्रों को देखने और समझने के लिए बाध्य किया।

विनोद भारद्वाज के सवालों ने चर्चा को और भी प्रभावी बना दिया। उन्होंने खंगारोत सागर के कला दर्शन को गहराई से समझते हुए दर्शकों को बताया कि कैसे उनका काम भारतीय कला को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ऊंचाइयों पर ले जाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।

कला और संस्कृति का उत्सव माना, बल्कि इसे एक ऐसा मंच बताया, जहां कलाकारों और श्रोताओं के बीच गहरा संवाद स्थापित हुआ। “यह एक दुर्लभ अवसर था जब मौजूदा अतिथि कला की गहराई को एक महान कलाकार की दृष्टि से समझ पाए”।

कार्यक्रम के अंत में राजस्थान फोरम के सदस्य चित्रकार डॉ. विद्यासागर उपाध्याय और डॉ. प्रदीप चतुर्वेदी द्वारा समदर सिंह खंगारोत ‘सागर’ को उनकी उत्कृष्ट उपलब्धियों के लिए स्मृति चिह्न भेट कर सम्मानित किया।

इस अवसर पर शहर के प्रमुख सांस्कृतिक और कलाप्रेमी में आर. बी. गौतम, प्रदीप चतुर्वेदी, डॉ. विद्यासागर उपाध्याय, राजेंद्र मिश्रा, मनीष शर्मा, सोहन जाखड़, संदीप सुमहेन्द्र, स्मिता शुक्ला, किशोर सिंह, विनय शर्मा, आदि उपस्थित रहे।

पिछला खुले आसमान के नीचे रात बिता रहे लोगों को बांटे 300 कंबल अगला नवीन वर्ष 2025में 365 दिन मुस्कुराते हंसते हुए जीवन जीने का संकल्प ले

Leave a Comment Cancel reply

Recent Posts

  • आईआईटी मंडी ने अपने एमबीए डेटा साइंस और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस प्रोग्राम के 2025-27 बैच के लिए आवेदन आमंत्रित किए
  • समाज सुधारक युग प्रवर्तक सच्चे हिंदुत्व के मसीहा कर्म योगी सभी वर्गो चहेते स्वामी विवेकानंद
  • टोयोटा किर्लोस्कर मोटर ने कर्नाटक में कौशल विकास को बढ़ावा देने के लिए सरकारी टूल रूम और प्रशिक्षण केंद्र के साथ समझौता किया
  • आज का राशिफल व पंचांग : 11 जनवरी, 2025, शनिवार
  • इंसानों की तस्करी की त्रासदी वाला समाज कब तक?

संपादक की पसंद

Loading...
गेस्ट राइटर

गांव, गरीब और किसान की सुुध लेता बजट

February 2, 2018
Loading...
दखल

पिज्जा खाने से रुकी किरपा आ जाती है

December 14, 2024
दखल

पाकिस्तान सम्भले अन्यथा आत्मविस्फोट निश्चित है

February 20, 2023
दखल

श्रद्धा जैसे एक और कांड से रूह कांप गयी

February 16, 2023
दखल

अमृत की राह में बड़ा रोड़ा है भ्रष्टाचार

February 8, 2023
दखल

सामाजिक ताने- बाने को कमजोर करती जातिगत कट्टरता

February 4, 2023

जरूर पढ़े

Loading...
गेस्ट राइटर

गांव, गरीब और किसान की सुुध लेता बजट

February 2, 2018
© 2025 • Built with GeneratePress