• अंतरराष्ट्रीय उड़ानों के लिए टर्मिनल 1 खोला गया। T1 देश का पहला हेरिटेज टर्मिनल
• टर्मिनल 2 पर स्टेयरलिफ्ट और रनवे पर एडवांस्ड वेदर ऑब्जर्वेटरी सिस्टम (AWOS) RVR चालू करने वाला जयपुर भारत का पहला एयरपोर्ट बना
• 2024 में यात्री भार में 8 प्रतिशत की वृद्धि। हवाई यातायात में 5 प्रतिशत की वृद्धि । नवंबर में दर्ज हुआ अबतक का सर्वाधिक यात्रीभार – 5.60 लाख और सिंगल डे ट्रैफिक 20160
• 2024 में जयपुर 100 प्रतिशत डिजी यात्रा सक्षम एयरपोर्ट बना
• 2024 में लगभग 2932 नॉन – शिड्यूल उड़ानों को संभाला
• नया पैरेलल टैक्सी वे और बैक-अप AOCC चालू किया गया
• टर्मिनल 1 और 2 पर स्वचालित नंबर प्लेट पहचान प्रणाली का कार्यान्वयन
• टर्मिनल 2 की क्षमता बढ़ी। प्रस्थान क्षेत्र में नया लाउंज चालू
जयपुर: वर्ष 2024 जयपुर एयरपोर्ट के लिए एक उल्लेखनीय वर्ष रहा है। हवाई अड्डे पर निरंतर प्रगति ने समग्र यात्री अनुभव को काफी हद तक बढ़ाया तथा इस वर्ष पर एयरपोर्ट कई उपलब्धिया दर की गयी। जयपुर हवाई अड्डे पर अंतर्राष्ट्रीय टर्मिनल (T1) का शुभारंभ 2024 में सबसे बड़ी उपलब्धि रही। नया टर्मिनल राजस्थान की समृद्ध विरासत और संस्कृति को समेटे हुए है और यह देश का पहला हेरिटेज टर्मिनल है। टर्मिनल 1 के चालू होने के साथ, जयपुर अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे की कुल क्षमता बढ़कर 6.5 MPPA हो गई।
वर्तमान में जयपुर एयरपोर्ट 26 घरेलू और छह अंतरराष्ट्रीय शहरों से कनेक्टेड हैं। वर्ष 2024 में जयपुर एयरपोर्ट पर यात्री भार में 8 प्रतिशत की महत्वपूर्ण वार्षिक वृद्धि दर्ज की। नवंबर 2024 में था जब जयपुर एयरपोर्ट पर अब तक का सर्वाधिक मासिक यात्री भार 5.6 लाख दर किया गया वही एक दिन ा सर्वाधिक भार 20160 यात्रियों का रहा। इसी साल DGCA की अनुमति के बाद पैरेलल टैक्सी वे भी शुरुवात की गयी जिसने रनवे ऑक्यूपेंसी टाइम को काफी कम कर दिया।
जयपुर Automatic Weather Observing System RVR को लागु करने वाला देश का पहला एयरपोर्ट बना। ये नयी प्रणाली मौसम का रियल टाइम डाटा उपलब्ध करता है जिससे विमान सञ्चालन में काफी मदत मिलती है। इसके अलावा Runway Redesignation, एक नए बैक-अप एयर ऑपरेशन कमांड सेंटर (एओसीसी) की स्थापना जैसे महत्वपूर्ण क़दमों ने रन-वे संचालन को मजबूत किया है। समग्र एयरसाइड ढांचे के इस नए स्वरुप के चलते जयपुर हवाई अड्डे को 2024 में लगभग 2952 नॉन – – शिड्यूल उड़ानों को संभालने में सक्षम बनाया।
वर्ष 2024, में जयपुर हवाई अड्डे ने यात्रियों के लिए अधिक सुविधा और सेवाओं में सुधार पर ध्यान केंद्रित किया। इस श्रृंखला में, जयपुर एयरपोर्ट टर्मिनल 2 पर डोमेस्टिक और अर्रिवाल क्षेत्रों में स्वचालित स्टेरलिफ्ट चालू करने वाला देश का पहला हवाई अड्डा बन गया। इस के अलावा डोमेस्टिक डिपार्चर एरिया का विस्तार, 12 नए चेक-इन काउंटरों को शामिल करना, नया और प्रीमियम लाउंज खोलना, टोकन वाई-फाई डिस्पेंसर मशीनों की स्थापना, पार्किंग स्लॉट को 600 तक बढ़ाना, वैलेट पार्किंग सुविधा और वन नेशन बिलियन सेलिब्रेशन जैसे अभियान शामिल हैं जिसमे यात्रियों को रॉयल एनफील्ड बाइक जीतने और यहां तक कि थाईलैंड की पूरी तरह से भुगतान वाली यात्रा आदि का मौका मिला ।
अत्याधुनिक प्रौद्योगिकी का एकीकरण जयपुर एयरपोर्ट की सर्वोच्च प्राथमिकता रही है। औटोमटेड चेक-इन से लेकर उड़ान सूचना डिस्प्ले तक, तकनीकी प्रगति ने परिचालन को सुव्यवस्थित किया है और एयरपोर्ट की समग्र दक्षता में सुधार किया है। यात्रियों को अधिक आरामदायक और आनंददायक अनुभव प्रदान करते हुए, जयपुर 100 प्रतिशत डिजी यात्रा सक्षम हवाई अड्डा बन गया, जिसमें सभी प्रवेश द्वार, Pre -Sha और बोर्डिंग गेट डिजी यात्रा बुनियादी ढांचे से सुसज्जित हैं। डिजी यात्रा सेवाओं के क्रियान्वयन से यात्रियों को टर्मिनल भवन में प्रवेश करने के बाद 10-15 मिनट के भीतर बोर्डिंग गेट तक पहुंचने में मदद मिली।
2024 में जयपुर हवाई अड्डे पर टर्मिनल 1 और 2 पर स्वचालित नंबर प्लेट पहचान प्रणाली शुरू की गई। यह प्रणाली वाहन नंबर प्लेट, तारीख और समय, वाहन की छवि, वाहन के प्रकार और वाहन की गति की वास्तविक समय की जानकारी देती है। 2024 में की गई अन्य पहलों में चारदीवारी के साथ व्यू कटर संरचना लगाना, कर्मचारियों के लिए चेहरे पर आधारित प्रवेश प्रणाली और वर्चुअल रिमोट फिजिकल चेक सिस्टम कार्यान्वयन शामिल हैं।
वैश्विक रुझानों के अनुरूप, जयपुर हवाई अड्डे ने भी अपने संचालन में स्थिरता को प्राथमिकता दी है। विभिन्न पर्यावरण-अनुकूल पहल शुरू की गई हैं जिससे 2024 में 1,566,847 KWH ऊर्जा खपत की बचत हुई है। भविष्य को देखते हुए, जयपुर हवाई अड्डा विकास और नवाचार के अपने पथ को जारी रखने के लिए तैयार है। भविष्य में बुनियादी ढांचे का विस्तार, नई प्रौद्योगिकियों की शुरूआत और यात्री सेवाओं में वृद्धि शामिल है।
2024 – एक नज़र
• अंतरराष्ट्रीय परिचालन के लिए टर्मिनल 1 को फिर से खोलना। T1 देश का पहला हेरिटेज टर्मिनल बन गया
• दो अंतर्राष्ट्रीय एयरलाइंस ने JAI से परिचालन शुरू किया। एतिहाद एयरवेज (EY) ने जयपुर (JAI) को अबुधाबी (AUH) से जोड़ा, और एयर एशिया बरहाद (AK) ने जयपुर (JAI) को कुआलालंपुर (KUL) से जोड़ा।
• जयपुर हवाई अड्डे पर 8% यात्री वृद्धि दर्ज की गई और हवाई यातायात की आवाजाही में 5 प्रतिशत की वृद्धि हुई
• जयपुर हवाई अड्डा AWOS – स्वचालित मौसम अवलोकन प्रणाली RVR स्थापित और चालू करने वाला देश का पहला हवाई अड्डा है। जो उच्च सटीकता का वास्तविक समय मौसम डेटा प्रदान करता है।
• नए समानांतर टैक्सी मार्ग की शुरुआत की और लगभग 2932 गैर-अनुसूचित उड़ान गतिविधियों को संभाला।
• हवाई अड्डे की स्थापना के बाद से, उच्चतम मासिक यातायात और एक दिन का यातायात – 5.60 लाख और 20160 नवंबर में संभाला गया
• विभिन्न पहलों के माध्यम से 2024 में 1,566,847 KWH ऊर्जा बचाई गई
• टर्मिनल 1 और 2 पर स्वचालित नंबर प्लेट पहचान प्रणाली का कार्यान्वयन,
• चारदीवारी के साथ व्यू कटर संरचना , कर्मचारियों के लिए चेहरे पर आधारित उपस्थिति प्रणाली कार्यान्वयन, वर्चुअल रिमोट फिजिकल चेक सिस्टम कार्यान्वयन
• घरेलू टर्मिनल भवन टी2 के भीतर आगमन और प्रस्थान क्षेत्रों में स्वचालित स्टेयरलिफ्ट स्थापित और चालू किए गए। ये प्रतिष्ठान कम गतिशीलता वाले व्यक्तियों को महत्वपूर्ण सहायता प्रदान करने के लिए तैयार हैं
• स्वचालित लोडिंग स्ट्रेचर से सुसज्जित दो अत्याधुनिक एम्बुलेंस, यात्री सुरक्षा और कल्याण को और बढ़ाती हैं।
• जयपुर अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे ने एचवीएसी संयंत्र में 11kV HT 800 TR चिलर स्थापित किया। इस चिलर प्रणाली से शीतलन दक्षता को अनुकूलित करके महत्वपूर्ण ऊर्जा बचत प्रदान करने की उम्मीद है।
• हवाई अड्डे ने बिना किसी व्यवधान के 33kV सबस्टेशन को सफलतापूर्वक स्थानांतरित किया और एक नए स्थान पर चार्ज किया।
• टर्मिनल-2 पर डिजी यात्रा. (सभी टर्मिनल प्रवेश द्वार, प्री sha और बोर्डिंग गेट डिजी यात्रा से सुसज्जित हैं)।
• किसी भी समय वास्तविक समय डेटा उपलब्धता के लिए एवियो लॉन्च।
• बड़ी वीडियो स्क्रीन के साथ नया एओसीसी सेटअप। अब जयपुर एयरपोर्ट पर दो एओसीसी हैं
• अंतरराष्ट्रीय यात्रियों के लिए बिना किसी मानवीय संपर्क के वाई-फाई वाउचर प्राप्त करने के लिए टोकन वाई-फाई डिस्पेंसर मशीन स्थापित की गई।
• टर्मिनल 2 पर नया लाउंज: उन्नत लाउंज में प्रीमियम डाइनिंग विकल्प और बेहतर बैठने की जगह है, जो यात्रियों के लिए अधिक आरामदायक और शानदार अनुभव सुनिश्चित करता है।
• वन नेशन बिलियन सेलिब्रेशन अभियान ने यात्रियों को रॉयल एनफील्ड बाइक, ₹50,000 के क्रोमा वाउचर और थाईलैंड की पूरी तरह से भुगतान वाली यात्रा सहित भव्य पुरस्कार जीतने का एक रोमांचक अवसर प्रदान किया।
• प्रणाम सेवाओं में विंटेज कार सेवाओं का समावेश
• भूतल पर नया शौचालय, बैठने की क्षमता बढ़ाई गई, पोर्च क्षेत्र में एयरलाइंस कार्यालयों का स्थानांतरण, प्रस्थान में 12 नए चेक-इन काउंटर जोड़े गए।
• रनवे का पुनः नामकरण
• जयपुर अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे को अपनी अनुकरणीय ऊर्जा प्रबंधन प्रथाओं के लिए SEEM अवार्ड्स 2023 में प्रतिष्ठित गोल्ड अवार्ड मिला।
• एसीआई स्तर 2 मान्यता
• जयपुर अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे ने पर्यावरण और स्थिरता की श्रेणी के तहत प्लैटिनम पुरस्कार जीता