हैदराबाद, दिसंबर, 2024- महिन्द्रा युनिवर्सिटी ने हैदराबाद में स्कूल ऑफ हॉस्पिटैलिटी मैनेजमेंट शुरू करने की आज घोषणा की। इस स्कूल ने कलिनरी एवं हॉस्पिटैलिटी मैनेजमेंट में बीएससी (ऑनर्स) शुरू किया जिसका उद्देश्य इस गतिशील हॉस्पिटैलिटी मैनेजमेंट व्यवसाय में एक एकीकृत उत्कृष्ट पाक कला की पेशकश से विद्यार्थियों को कुशल बनाना है। इस पाठ्यक्रम को आधुनिक प्रौद्योगिकीय उन्नयन के साथ पारंपरिक और मूल कौशल को मिलाते हुए बहुआयामी वैश्विक पेशेवर तैयार करने के लिहाज से डिजाइन किया गया है। यह स्कूल नवप्रवर्तन, एनालिटिक्स और टिकाऊपन पर ध्यान केंद्रित करने के साथ उत्साहजनक वैश्विक अवसरों के द्वार खोलेगा। पहला अकादमिक सत्र 60 सीटों के साथ फरवरी, 2025 में शुरू होगा जिसके लिए प्रवेश जनवरी, 2025 में खुल रहा है। नियमित अकादमिक सत्र, 60 सीटें, अगस्त 2025 में शुरू होंगी।
वे सभी विद्यार्थी इस पाठ्यक्रम में आवेदन करने के पात्र हैं जिन्होंने किसी सरकारी मान्यता प्राप्त बोर्ड से किसी भी विषय में 80 प्रतिशत अंक के साथ 12वीं की परीक्षा पास की हो। वे वैध एनसीएचएमसीटी जेईई प्रवेश परीक्षा अंक के जरिए या महिन्द्रा युनिवर्सिटी हॉस्पिटैलिटी मैनेजमेंट प्रवेश परीक्षा-2025 (MUHET 2025) पास करके भी इसमें प्रवेश पा सकते हैं। छांटे गए अभ्यर्थियों को एक पैनल इंटरव्यू से गुजरना होगा। विद्यार्थी आवेदन फॉर्म भरकर www.mahindrauniversity.edu.in पर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं।
स्कूल ऑफ हॉस्पिटैलिटी मैनेजमेंट ने विश्व में कुछ सबसे प्रतिष्ठित संस्थानों के साथ अकादमिक साझीदारी की है जिनमें वर्जीनिया टेक, कॉनरैड एन. हिल्टन कॉलेज ऑफ ग्लोबल हॉस्पिटैलिटी लीडरशिप (युनिवर्सिटी ऑफ ह्यूस्टन), स्विस होटल मैनेजमेंट स्कूल, सेसर रिट्ज कॉलेजेस एंड कलिनरी आर्ट्स एकैडमी (स्विट्जरलैंड) शामिल हैं। इस स्कूल ने महिन्द्रा हॉलीडेज़ और क्लब महिन्द्रा के साथ भी साझीदारी की है जो भारत के सबसे प्रतिष्ठित हॉस्पिटैलिटी ब्रांडों में से एक हैं। इन गठबंधनों से विद्यार्थियों को उद्योग की अमूल्य अंतर्दृष्टि, व्यवहारिक प्रशिक्षण का लाभ मिलेगा और साथ ही हॉस्पिटैलिटी के व्यवहारिक पहलुओं का प्रत्यक्ष तौर पर अनुभव मिलेगा जिससे उन्हें अकादमिक सीख और उद्योग में व्यवहार में आ रही चीज़ों के बीच अंतर दूर करने में मदद मिलेगी।
महिन्द्रा युनिवर्सिटी के कुलपति डाक्टर यजुलू मेदुरी के मुताबिक, “स्कूल ऑफ हॉस्पिटैलिटी अत्याधुनिक कार्यक्रमों के हमारे पोर्टफोलियो में एक उल्लेखनीय बढ़ोतरी है जिसे अकादमिक उत्कृष्टता के साथ उद्योग की विशेषज्ञता को निर्बाध रूप से एकीकृत करने के लिए डिजाइन किया गया है। यह नया स्कूल अपने विद्यार्थियों को तेजी से उभर रहे इस क्षेत्र में नवीनतम रुख और प्रौद्योगिकियों में महारत हासिल करने के लिए सशक्त करेगा। प्रतिष्ठित शिक्षकों के मार्गदर्शन में हमारे विद्यार्थी मास्टर क्लासेज़, इंटरऐक्टिव वर्कशाप और इमर्सिव रीयल वर्ल्ड सिमुलेशंस के जरिए सीखने के एक असाधारण माहौल का अनुभव लेंगे। इससे वे इस गतिशील क्षेत्र में नेतृत्व करने और कुछ नया करने में समर्थ बनेंगे।”
महिन्द्रा युनिवर्सिटी के स्कूल ऑफ हॉस्पिटैलिटी मैनेजमेंट के डीन, शेफ के. तिरुग्नानासंबाथम ने कहा, “यह हॉस्पिटैलिटी उद्योग तेजी से उभर रहा है और इस क्षेत्र में आगे बने रहने के लिए हमें हमारे विद्यार्थियों को एक समग्र कौशल के सेट से युक्त करने की जरूरत है जिसमें तकनीकी विशेषज्ञता और रणनीतिक सोच शामिल हो। यह प्रोग्राम पाक कौशल विकसित करने और नेतृत्व, उद्यमशीलता एवं टिकाऊ व्यवस्था पैदा करने के लिहाज से डिजाइन किया गया है। हमारा लक्ष्य विद्यार्थियों को गहरी सोच के साथ कुछ नया करने के लिए प्रेरित करना है ताकि वे इस हॉस्पिटैलिटी उद्योग में नेतृत्व कर सकें और सार्थक बदलाव ला सकें।”
उन्होंने कहा, “हमारा प्रोग्राम उभरते एवं भावी क्षेत्रों पर भी ध्यान केंद्रित करेगा जैसे टेक्नोलॉजी के जरिए ग्राहकों का अनुभव समृद्ध करना और जीवनशैली से जुड़ी बीमारियों को दूर करने के लिए खानपान के उत्पाद में अनूठापन लाना। टेक्नोलॉजी और पाक कला के बीच अंतर्संबंध की संभावना तलाश कर हम विद्यार्थियों को अनूठे समाधान डिजाइन करने के लिए सशक्त करेंगे जिनसे अतिथियों को शानदार अनुभव तो मिले ही, स्वास्थ्य और आरोग्य के रुख में भी योगदान हो सके। आगे की सोच वाले इस नजरिये से यह सुनिश्चित होता है कि हमारे स्नातक आज की चुनौतियों के लिए तैयार हैं और हॉस्पिटैलिटी उद्योग के भविष्य का नेतृत्व करने के लिए भी तैयार हैं। महिन्द्रा युनिवर्सिटी के स्कूल ऑफ हॉस्पिटैलिटी में कलिनरी एंड हॉस्पिटैलिटी मैनेजमेंट में बीएससी (ऑनर्स) शुरू करना भारत में हॉस्पिटैलिटी की शिक्षा में परिवर्तन लाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। मजबूत पाठ्यक्रम और उद्योग के साथ साझीदारी के अनूठे मेल और नेतृत्व एवं उद्यमशीलता पर ध्यान देने के साथ यह प्रोग्राम इस वैश्विक आतिथ्य परिदृश्य में सफल होने के आकांक्षी विद्यार्थियों के लिए पासा पलटने वाला साबित होगा।”
भारत का हॉस्पिटैलिटी एवं पाक कला क्षेत्र सालाना करीब 250 अरब डॉलर का कारोबार करता है और इस देश की जीडीपी में करीब 7.5 प्रतिशत का योगदान करता है। घरेलू और अंतरराष्ट्रीय पर्यटन बाजारों से वर्ष 2033 तक एक करोड़ से अधिक नई नौकरियां पैदा होने जा रही हैं। यह क्षेत्र वैश्विक अर्थव्यवस्था में एक महत्वपूर्ण भूमिका अदा करता है और रोजगार सृजन, उद्यमशीलता के अवसरों और कौशल विकास में इसका उल्लेखनीय योगदान है।