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विश्वविद्यालय फुटबॉल चयन विवाद : धरना/प्रदर्शन और फिर टीम में चयन

चौपाल
/
December 21, 2024
अजमेर। महर्षि दयानंद सरस्वती विश्वविद्यालय खेल टीमों में जगह बनाने के लिए अब एक नया फार्मूला सेट कर दिया गया है ।प्रतियोगिताओं के दौरान किसी टीम अथवा व्यक्तिगत खिलाड़ी का प्रदर्शन कैसा भी क्यों ना हो यदि चयनकर्ताओं की नजर में खरे नहीं भी उतारे हैं तो भी कोई डरने की बात नहीं है। यह फार्मूला अपना कर आप टीम में जगह बना सकते हैं ।
इस फार्मूले के अंतर्गत आपको अपने सरपरस्त ,खेल समूह के वरिष्ठ खिलाड़ियों एवं राजनेताओं के साथ विश्वविद्यालय परिसर में जमकर प्रदर्शन करना होगा । साथ ही धरना देते हुए भूख हड़ताल तक की भी धमकी देनी पड़ेगी। यदि आप ऐसा करने में सक्षम है तो मान कर चलिए आप कितने ही कमजोर खिलाड़ी क्यों न हो आपका टीम में चयन पक्का है ।
ऐसा ही वाक्या इन दोनों विश्वविद्यालय फुटबॉल टीम को लेकर देखने को आया है जिसमें दो खिलाड़ियों के टीम में चयन नहीं होने पर धरना प्रदर्शन और भूख हड़ताल की धमकी के बाद उन्हें बिना किसी चयन प्रक्रिया के टीम में शामिल कर अंतर विश्वविद्यालय प्रतियोगिता के लिए आयोजन स्थल के लिए रवाना कर दिया गया है। मजेदार बात यह है की विश्वविद्यालय के कुलपति  के दखल के बाद ऐसा कुछ संभव हो पाया है।
इस बात से इतना तो स्पष्ट हो जाता है की खेल नियंत्रण बोर्ड कैसे भी कारनामे  क्यों न करें यदि आप ताकतवर है तो कोई आपके सलेक्शन को लेकर संदेह नहीं होना चाहिए।
 मैं किसी खिलाड़ी के खेल प्रदर्शन और उसकी योग्यता पर प्रश्न  चिन्ह नहीं लग रहा हूं लेकिन इस तरह के विवादों से इतना जरूर है की खेल जगत में एक नई परिपाटी शुरू होगी।
इस पूरे प्रकरण में पहले तो विश्वविद्यालय प्रशासन मुख दर्शक बना रहा और जब विवाद बढ़ता दिखा तब आनन-फानन में बिना किसी चयन प्रक्रिया से गुजरे इन खिलाड़ियों को टीम में शामिल करना गले नहीं उतरता है ।इस पूरे प्रकरण में या तो चयन कर्ता दोषी है (जिसकी अलग से जांच की जानी चाहिए) अथवा यदि खिलाड़ी टीम में चयनित नहीं हो पाए तो फिर उनका अंतिम समय में चयन करना कितना उचित होगा । बिना किसी प्रशिक्षण एवं अभ्यास के बगैर सीधे प्रतियोगिताओं में भाग लेने के लिए उन्हें शामिल कर लिया गया। इस पूरे प्रकरण से संबंधित सभी चयनकर्ताओं , महाविद्यालय एवं विश्वविद्यालय से जुड़े अधिकारियों के लिए जांच समिति गठित कर किसी ठोस निर्णय पर पहुंचना होगा अन्यथा आने वाले समय में इस तरह के उदाहरण देकर टीमों का चयन होता रहेगा।
विनीत लोहिया 
वरिष्ठ खेल पत्रकार एवं खेल समीक्षक
अंतरराष्ट्रीय बास्केटबॉल  तकनीकी अधिकारी एवं सदस्य भारतीय बास्केटबॉल टीम
पिछला आज का राशिफल व पंचांग : 22 दिसम्बर, 2024, रविवार अगला नगर राजभाषा कार्यान्वयन समिति, अजमेर की 87वीं बैठक का आयोजन

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