प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय के शास्त्री नगर स्थित ‘प्रभु पसंद भवन’ सेवा केंद्र पर आगामी 18 जनवरी को संस्थान के संस्थापक पिताश्री प्रजापिता ब्रह्मा बाबा का 57वाँ स्मृति दिवस (विश्व शांति दिवस) अत्यंत श्रद्धा और गरिमा के साथ मनाया जाएगा।इस पावन अवसर पर सर्व धर्म मैत्री संघ के सदस्य विशेष रूप से उपस्थित होकर ब्रह्मा बाबा के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित करेंगे और उनके द्वारा समाज को दिए गए शांति व सद्भाव के संदेश को याद करेंगे।
सर्वधर्म एकता का प्रतीक बनेगा आयोजन
सर्व धर्म मैत्री संघ, जो समाज में आपसी भाईचारे और सांप्रदायिक सौहार्द के लिए निरंतर कार्यरत है, के सदस्यों का यह दौरा आध्यात्मिक और सामाजिक मेलजोल की एक अनूठी मिसाल पेश करेगा। मैत्री संघ के पदाधिकारियों का मानना है कि ब्रह्मा बाबा ने एक ऐसे समाज की नींव रखी जहाँ जाति, धर्म और संप्रदाय से ऊपर उठकर केवल आत्मिक भाव और मानवीय मूल्यों को प्रधानता दी जाती है।
कार्यक्रम की मुख्य रूपरेखा:
अमृतवेला ध्यान: सुबह विशेष योग सत्र के साथ कार्यक्रम का आरंभ होगा, जिसमें विश्व शांति के लिए गहन मेडिटेशन किया जाएगा।
पुष्पांजलि समारोह: सर्व धर्म मैत्री संघ के सदस्यों द्वारा ब्रह्मा बाबा के चित्र पर पुष्प अर्पित कर उन्हें नमन किया जाएगा।
स्मृति सभा: सेवा केंद्र की मुख्य संचालिका बी के आशा और मैत्री संघ के सदस्यों द्वारा ब्रह्मा बाबा के जीवन चरित्र और उनके द्वारा नारी शक्ति के उत्थान के लिए किए गए कार्यों पर प्रकाश डाला जाएगा।
कार्यक्रम के अंत में सात्विक प्रसाद का वितरण किया जाएगा।
शांति और पवित्रता का संदेश
शास्त्री नगर सेवा केंद्र की संचालिका बी के ने बताया कि 18 जनवरी 1969 को ब्रह्मा बाबा ने अपनी देह त्याग कर संपूर्णता प्राप्त की थी। उनके इसी त्याग और तपस्या की याद में पूरे विश्व के ब्रह्माकुमारी केंद्रों पर इसे ‘विश्व शांति दिवस’ के रूप में मनाया जाता है। सर्व धर्म मैत्री संघ का इस आयोजन में सम्मिलित होना यह दर्शाता है कि बाबा के विचार आज भी प्रासंगिक हैं और विभिन्न समुदायों को जोड़ने का काम कर रहे हैं।
बी के रमेश।