सर्व धर्म मैत्री संघ अजमेर ने राष्ट्रपति के नाम दिया ज्ञापन
अजमेर 27 दिसंबर( ): सर्व धर्म मैत्री संघ ने अजमेर जिला कलेक्टर लोक बंधु के माध्यम से राष्ट्रपति के नाम एक ज्ञापन सौंपा, जिसमें राष्ट्रीय सामाजिक समरसता को बनाए रखने की मांग की गई है। संघ के पदाधिकारियों ने बताया कि पिछले कुछ दिनों से विभिन्न धार्मिक संस्थाओं के कारण समाज में वैमनस्य का भाव बढ़ रहा है।
सर्वधर्म मैत्री संघ के अध्यक्ष प्रकाश जैन ने कलेक्टर को बताया कि अजमेर जिला सर्वधर्म सौहार्द की नगरी के रूप में जाना जाता है। यहां तीर्थराज पुष्कर और ब्रह्मा जी की नगरी जितनी महत्वपूर्ण है, उतनी ही महत्वपूर्ण ख्वाजा मोइनुद्दीन चिश्ती की दरगाह भी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर है। संघ ने जोर देकर कहा कि कानूनी और राष्ट्रीय स्तर पर दरगाह से संबंधित कोई भी निर्णय ऐसा न हो, जिससे अजमेर और राजस्थान की शांति और समरसता को ठेस पहुंचे। संस्था ने बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों के धार्मिक स्थलों और उनकी सुरक्षा पर भी सुझाव दिए।
ज्ञापन में बताया गया है कि हिन्दू, मुस्लिम, बौद्ध, जैन, सिख, ईसाई, पारसी, यहूदी सभी विचारधाराओं के लोग संगठन से प्रेरित होकर राष्ट्र को मजबूत बनाना चाहते हैं। अत: कोई भी ऐसा कदम न उठाया जाए जिससे हमारा भाईचारा प्रभावित हो। संस्था ने मांग की है कि सरकार अल्पसंख्यक वर्ग के धार्मिक स्थलों की सुरक्षा सुनिश्चित करे। सर्व धर्म मैत्री संघ ने राष्ट्रीय एकता और सांप्रदायिक सौहार्द को बनाए रखने के लिए सरकार से ठोस कदम उठाने की मांग की है। इसके अलावा मीडिया के माध्यम से आने वाले उर्स मेले में जायरीन से अपील की है कि ख्वाजा की नगरी अजमेर शहर को स्वच्छ रखने का दायित्व भी हम सभी का है, शहर को स्वच्छ रखने व किसी भी प्रकार की बहकावे में न आए। ज्ञापन देने वालों में अध्यक्ष प्रकाश जैन, फादर कॉसमॉस शेखावत, सरदार नरेंद्र सिंह छाबड़ा, डॉ. बानसूर अली, मोहसिन खान, पीयूष शर्मा, सिस्टर केरल, फादर अजय विक्रम सिंह, अजीत दुआ सहित अन्य सदस्य उपस्थित रहे।